बढ़ती जा रही है धरती पे ये दरार, टुकड़े हो जायेंगे इस बड़े द्वीप के

बढ़ती जा रही है धरती पे ये दरार, टुकड़े हो जायेंगे इस बड़े द्वीप के
दोस्तों, इस दुनिया में मनुष्य ने अपनी सुख सुविधाओं के लिए प्राकृतिक संसाधनों का आँख बंद करके उपयोग किया है| प्रकृति से इस तरह की छेड़-छाड़ की वजह से पृथ्वी का संतुलन बिगड़ गया है| इसका सबूत भी हमें इतने सालों में लगातार कहीं न कहीं हो रही आपदाओं से मिलते आ रहे है| आने वाले दिनों में यही आपदाएं और भी बढ़ती जायेंगी, इसकी संभावना ज्यादा है| 

साल २०१८ में भी दुनिया में हो रही घटनाओं में अर्जेंटीना, जकार्ता, इराक, सीबिया, टर्की और बोलीविया में आयी बाढ़, पूर्वी ताइवान में आये भूकंप, पेसिफिक सागर में सायक्लोन तूफ़ान की जिसने कई शहर तबाह किये| या फिर हमारे भारत में आये रेतीले तूफान, ये सब आने वाली आपदाओं को भीषण रूप है|


२००५ में अफ्रीका के उत्तरी कोने में स्थित डब्बाहु नामक ज्वालामुखी फटा था, पर उससे निकलने वाला लावा बहार न आते हुए धरती को अंदर से चीरता हुआ चला गया| जिसकी वजह से धरती पर ५०० मीटर लम्बी और ६० मीटर चौड़ी दरार बन गयी| अब ये दरार दक्षिण-पक्षिम केन्या से होते हुए करीब ३००० किलोमीटर तक बढ़ चुकी है| इस दरार ने हाल ही में केन्या के नारोक-नैरोबी हाईवे को तोड़ दिया है, जिससे वाहनों का आना जाना बंद हो गया था, हालांकि दरार को भरने की कोशिश भी गयी, पर वो भी ज्यादा दिन टिक नहीं पायेगी| दरार के इस तरह से फैलने की वजह से कई सारे लोगों को विस्थापित होना पड़ा है|


वैज्ञानिकों की माने तो आगे चल कर ये दरार अफ्रीका को दो हिस्सों में बाँट देगी और इस दरार में दुनिया का छटवां समुद्र बन जाएगा| 

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