पत्नी को दिया इतना गुजारा भत्ता कि गिनते-गिनते हो जायेगी सुबह से शाम

पत्नी को दिया इतना गुजारा भत्ता कि गिनते-गिनते हो जायेगी सुबह से शाम 
दोस्तों, किसी को परेशान करने की भी एक हद होती है, मगर कुछ लोग उस हद के भी पार चले जाते है| पति और पत्नी के झगड़ों के कई किस्से आपने सुने होंगे, लेकिन ऐसा किस्सा शायद ही कभी सुना होगा| 
यह घटना चंडीगढ़ क्षेत्र की है, जहाँ पेशे से हरियाणा कोर्ट में वकालत कर रहे एक पति ने अपनी पत्नी को तलाक के बाद कोर्ट में इतना गुजारा भत्ता दिया कि गिनने के लिए कोर्ट को दूसरी तारीख देनी पड़ी| गुजारा भत्ता में दिये गये २४६०० रुपये मूल्य के एक और दो रुपये के सिक्कों के रूप में दिये गये थे| जी हाँ दोस्तों, सिक्को के इस ढेर को देखकर पत्नी और आगबबूला हो गयी और अपने पति पर इलज़ाम लगाते हुए कहा कि ये शख्स मुझे ऐसे ही परेशान करता है| 
८ फरवरी २०१४ में इनकी शादी हुई और दो महीने बाद ही पति ने पत्नी को घर से निकाल दिया| मई २०१४ को पति ने जिला अदालत में ज्यूडिशियल सेप्रेशन के लिए केस फाइल किया था, जो की खुद पति ने एक साल बाद वापस भी ले लिया था| बाद में अक्टूबर २०१५ में फिर एक बार तलाक के लिए केस फाइल किया था| 
कोर्ट ने पत्नी २५००० रुपये का गुजारा भत्ता देने का फैसला दिया था और पति इसके पहले भी पत्नी को गुजारा भत्ता देता आ रहा था| मगर पिछले दो महीने से पति के भत्ता नहीं देने से पत्नी ने कोर्ट में पति की शिकायत की थी| जिसके चलते पति ने कोर्ट में ही गुजारा भत्ता दिया और वो भी चिल्लर के रूप में, जिसे गिनते - गिनते शाम हो जाती| पेशे से वकील पति ने अदालत को बताया की ऐसा कोई प्रावधान नहीं है की गुजारा भत्ता १००, ५०० और २००० के नोटों के रूप में दिया जाना चाहिये| सिक्को की गिनती में समय लग जाने से केस की सुनवाई कोर्ट ने आगे बढ़ा दी| 

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