यहाँ बंद है ४६ लाख किलो सोना, सुरक्षा के है कड़े इंतज़ाम

यहाँ बंद है ४६ लाख किलो सोना, सुरक्षा के है कड़े इंतज़ाम 
दोस्तों, हमारे भारत देश में आज सोने की कीमत आसमान छू रही है| एक समय था जब हमारे भारत देश को सोने की चिड़िया कहा जाता था| लेकिन आज़ादी के बाद ऐसा लगता है अंग्रेज भारत में सिर्फ चिड़िया छोड़ गए और सारा सोना यहाँ से बाहर ले गए है| 
आज दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश कहे जाने वाले अमेरिका के पास बेहिसाब सोना है| शायद एक समय में इससे कई ज्यादा सोना हमारे देश के राजा-महाराजाओं के पास हुआ करता था| 
आपको बता दें कि अमेरिका के इस ऑफिसियल गोल्ड रिज़र्व का एक बड़ा भाग केंटुकी के फोर्ट नॉक्स जो कि एक आर्मी पोस्ट है, उनके पास स्थित बुलियन डिपॉजिटरी में रखा हुआ है| इस सोने की मात्रा लगभग ४६ हजार टन यानी करीब ४६ लाख किलो सोना है|
फोर्ट नॉक्स नामक ये आर्मी पोस्ट करीब १ लाख ९ हजार एकड़ में फैली हुई है| इसकी छत विस्फोटक प्रूफ है और इसके अंदर रखा गोल्ड वाल्ट मोती ग्रेनाइट की दीवारों से घिरा हुआ है| मल्टीप्ल अलार्म वाली इस इमारत की २४ घंटे तक हेलीकॉप्टर से निगरानी रखी जाती है|
सुरक्षा हेतु बनाये गए इसके दरवाजे का वजन ही करीब २० टन और इसकी मोटाई २१ इंच की है जिसमे कोड लॉक भी दिया गया है| 
कड़ी सुरक्षा के चलते इस इमारत को दुनिया की सबसे सुरक्षित इमारतों में से एक माना जाता है| ऐसे में किसी भी बाहरी इंसान का इसमें प्रवेश कर पाना नामुमकिन है| इसी कारण दुनिया के कई देश अपनी सम्पत्तियों को यहाँ महफूज रखते है| जिनमे यूरोपियन नेशन के गोल्ड रिज़र्व, मैग्ना कार्टा, यूके का क्राउन ज्वेलर्स और अमेरिकी संविधान को यहाँ सुरक्षित रखा गया है| 
साल १९३५ में अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट द्वारा निर्माण की गयी इस इमारत की जमीन को अमेरिकी मिलिट्री ने ट्रांसफर किया था और साल १९८८ में अमेरिका के ऐतिहासिक स्थानों की राष्ट्रीय सूचि में इसे शामिल किया गया था| 
उस समय इस इमारत को बनाने के लिए करीब ५ लाख ६० हजार डॉलर यानी इंडियन करेंसी के मुताबिक करीब ३.५ करोड़ रुपयों का खर्च आया था| अब ४६ लाख किलो सोने की रखवाली करने के लिए यहाँ इंसान तो दूर परिंदों को भी अंदर घुसने नहीं दिया जाता होगा| 

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