बादलों के बीच से गुजरती है यहाँ की ट्रैन, लोग उठाते है इस अद्भुत सफर का आनंद

बादलों के बीच से गुजरती है यहाँ की ट्रैन, 
लोग उठाते है इस अद्भुत सफर का आनंद
दोस्तों, विश्व में ऐसे कई रेल मार्ग है जो अपनी खूबसूरती के लिए जाने जाते है| जिनमे रूस का ट्रांस साइबेरियन रेलमार्ग, भारत का दार्जिलिंग रेलमार्ग और कालका-शिमला रेलमार्ग अपनी नैसर्गिक ख़ूबसूरती के लिए जाने जाते है| इन्हीं में से एक रेलमार्ग अर्जेंटीना में है जिसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे है| तो चलिए जानते है इसके बारे में|
साल्टा रेलमार्ग
अर्जेंटीना का यह साल्टा रेलमार्ग बादलों के बीच से गुजरता है| जी हाँ दोस्तों, इस रेलमार्ग पर सफर करने वाले यात्री बादलों के बीच से होते हुए सफर करते है| इतना ही नहीं इस रेलमार्ग पर आपको कई ऐसे दृश्य देखने को मिल जाएंगे जो आपको रोमांचित कर देंगे| इन दृश्यों को देखकर आपको अपनी आँखों पर विश्वास नहीं होगा| 
दरअसल, अर्जेंटीना के समुद्रतल से करीब ४००० मीटर की ऊँचाई पर एंडीज पर्वत श्रृंखला से एक ट्रैन गुजरती है जिसे 'ट्रैन टू द क्लाउड' कहा जाता है| यह रेलवे लाइन दुनिया की सबसे ऊंची रेल रूटों में से एक है| 
जब यह ट्रैन कुछ खास ऐसे इलाकों से होते हुए गुजरती है तो ऐसा लगता है कि यह ट्रैन बादलों को चीरते हुए पहाड़ों के बीच से गुजर रही है, क्यूंकि उस समय रेलवे लाइन के दोनों तरफ भारी बादल छाए हुए रहते है|
११८७ मीटर की ऊँचाई पर स्थित अर्जेंटीना के शहर सिटी ऑफ़ साल्टा से होते हुए यह ट्रैन वैली दी लेर्मा, क्वेब्रेडा डेल टोरो और ला पोल्वोरीला वियाडक्ट पर आकर थमती है, जिसकी ऊँचाई करीब ४२०० मीटर की है|
अपने १६ घंटे के इस सफर में यह ट्रैन २९ पूल और २१ टनल से गुजरते हुए २१७ किलोमीटर का सफर तय करती है और इस दौरान करीब ३००० मीटर की चढाई भी चढ़ती है|
साल १९२० में निर्माणाधीन इस रेलमार्ग को बनाते समय अमेरिकी इंजीनियर रिचर्ड फोन्टेन मरे इस प्रोजेक्ट के हेड थे| इस अद्भुत रेल मार्ग की यात्रा करने दुनियाभर से लाखों सैलानी इसका आनंद उठाने आते है और जमकर फोटोग्राफी करते है| 
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