अजीब तरह से रंग बदलती है यह खूबसूरत नदी

अजीब तरह से रंग बदलती है यह खूबसूरत नदी 
दोस्तों, कुदरत के रहस्यों को आज तक कोई समझ नहीं पाया है और न ही शायद कभी समझ पायेगा| इस धरती पर प्रकृति ने कई खूबसूरत और रोमांचित कर देने वाली चीजों को दिया है, जो दुनियाभर के हर देश में देखने मिल जाती है| इनमे से एक है पांच रंगो वाली यह नदी, जिसका रंग बदलता है| तो चलिए जानते है इसके बारे में|
कैनो क्रिस्टल्स 
जी हाँ दोस्तों, कोलंबिया के मेटा राज्य के सरानिया दी ला मैकरेना इलाके में बहने वाली इस नदी का नाम कैनो क्रिस्टल नदी है| ये सिर्फ नदी नहीं बल्कि प्रकृति की एक अनूठी कला है जो हर किसी की आँखों को आश्चर्यचकित कर देती है| एक बार देखने पर लोगों को कभी-कभी तो यकीन भी नहीं होता है|
इस नदी की लम्बाई करीब १०० किलोमीटर है और चौड़ाई करीब २० मीटर है| कैनो क्रिस्टल्स नदी के रंग बदलने की ये अद्भुत घटना जून से लेकर नवम्बर के बीच कुछ सप्ताह के लिए दिखाई देती है| जब इसका तापमान एकदम सही होता है| 
इस जगह पर घूमने आने वाले लोग ज्यादातर पास के टाउन ला मैकरेना और ट्रैक शहर के नेशनल पार्क से होते हुए यहाँ पहुंचते है| 
इस नदी को लाल, पीला, नीला, हरा और नारंगी रंग में एक साथ देखा जा सकता है| जिसकी वजह से इस नदी को लिक्विड रेनबो यानी पानी का इंद्रधनुष भी कहा जाता है| कुछ लोग इस नदी को पांच रंगों वाली नदी के नाम से भी जानते है| 
साल २००० से पहले इस इलाके में हिंसक गतिविधियों वाले कुछ गट प्रमुख रहा करते थे, जिस वजह से नदी के आस-पास के इलाके सुरक्षित नहीं थे| लेकिन अब यहाँ ३० किलोमीटर क्षेत्र में कोलंबियन मिलिट्री ने कब्जा कर लिया है| जिसके चलते हर कोई अब यहाँ बिना खौफ के घूमने आ सकते है|
नदी को देखकर कुछ लोग ऐसा सोचते है कि इसका रंग किसी सेवाल या काई की वजह से ऐसा हो जाता है, मगर ऐसा नहीं है| असलियत में ऐसा मैकरेनिया क्लैवीगैरा नाम के एक पौधे की वजह से होता है| 
एक निश्चित समय पर और निश्चित मात्रा में जल और सूरज की रोशनी मिलने पर यह पौधा रंग बदलता है| जो कि जुलाई से लेकर  नवम्बर तक के समय तक देखा जा सकता है| बाकी जनवरी से मई तक गर्मी की वजह से पर्यटकों के लिए बंद रखा जाता है| 
इन दिनों इस नदी का रंग हल्का या गहरा गुलाबी और हल्का या गहरा लाल होता है और कभी-कभी इसका रंग नीला, पीला, नारंगी और हरा भी हो जाता है| 
भले ही यह जगह पूरी दुनिया में लोकप्रिय न हो और भले ही विदेशी पर्यटकों का यहाँ आना कम होता हो, मगर स्थानीय लोगों के लिए पिकनिक के लिए ये सबसे पसंदीदा जगह है| 
प्रकृति की इस ख़ूबसूरती को बरकरार रखने के लिए इस जगह पर आने के कुछ नियम भी बनाये गए है, जिसकी वजह से यहाँ आने वाले लोगों के एक ग्रुप की संख्या ७ से ज्यादा नहीं होनी चाहिए| इसके अलावा एक दिन में करीब २०० से ज्यादा लोगों को ही इस क्षेत्र में जाने की अनुमति मिलती है| 
इस नदी में न तो मछली पायी जाती है और न ही कोई जलीय जीव, जिसकी वजह से यहाँ लोग स्वीमिंग करने का लुफ्त भी उठाते है| दोस्तों, अगर आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगी हो तो कृपया इसे लाइक और शेयर जरूर करें और कमेंट बॉक्स पर कमेंट करके बताये| 

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