ये है दुनिया की सबसे रहस्यमयी जगहें

ये है दुनिया की सबसे रहस्यमयी जगहें  
दोस्तों, दुनियाभर में अनेकों ऐसी जगहें है जो किसी रहस्य से कम नहीं है| इनमे से कई जगहों में से कुछ जगहों को आंशिक रूप से छोड़कर इनके रहस्यों को वैज्ञानिक भी आज तक सुलझा नहीं पाएं है| कईयों पर तो आज भी रिसर्च चल रही है| आज हम आपको ऐसी ही कुछ जगहों के बारे में बताने जा रहे है|
ब्लड फाल्स, अंटार्कटिका 
अंटार्कटिका का टेलर ग्लेशियर पर जमी बर्फ में एक जगह ऐसी भी है, जहाँ से लाल रंग का झरना बहता है| इसे देखकर ऐसा लगता है कि इस झरने से खून बाह रहा हो| 
हालांकि, वैज्ञानिको ने इस कई शोध किये, फिर भी इसका कोई निश्चित नतीजे पर नहीं पहुंच पाएं है| इनका कहना है कि इस जगह बर्फ के नीचे शायद लौह तत्व की अधिक मात्रा होने की वजह से पानी लाल रंग में तब्दील होता है| 

मैग्नेटिक हिल, मॉन्कटन, न्यू ब्रंसविक 
हमारे भारत के लद्दाख क्षेत्र में भी एक मैग्नेटिक हिल है| उसी तरह न्यू ब्रंसविक के इस मैग्नेटिक हिल का पता साल १९३० में चला, जिसकी भी एक खासियत है कि यहाँ बिना गाडी को इंजन चलाये गाडी खुद ब खुद चलने लगती है| अब यह भी एक प्रसिद्द टूरिस्ट जगह बन चुकी है| 
सर्ट्से, आइसलैंड 
यह आयलैंड भी किसी रहस्य से कम नहीं है| साल १९६३ से पहले इस आयलैंड का अस्तित्व ही नहीं था| साल १९६३.में  यहाँ पर पानी के अंदर से अचानक एक ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ जो लगातार साल १९६७ तक होता रहा और साथ ही ज्वालामुखी का आकर और ऊंचाई भी बढ़ती रही|
साल १९६७ में जब यह ज्वालामुखी एकदम शांत हो गया तो यहाँ पर यह एक आयलैंड बन गया| 
पमुक्कले, तुर्की
तुर्की के पमुक्कले में स्थित यह जगह अपने आप में एक अजूबा है| यहाँ पर १७ प्राकृतिक हॉट स्प्रिंग्स है| यह प्राकृतिक गर्म पानी के झरने यहाँ पर हजारों सालों से है| इन झरनों के पानी में स्थित खनिजों के बाहरी हवा के संपर्क में आने से कैल्शियम कार्बोनेट बनता है, जो कि हजारों सालों से इन झरनों के किनारो पर जमा हो रहा है|
जिससे इन झरनों ने स्विमिंग पूल जैसे आकार ले लिए है| इस झरनों में पानी का तापमान ३७ डिग्री से १०० डिग्री के बीच रहता है| इस तरह के प्राकृतिक गर्म पानी में नहाना हमारे शरीर खासकर त्वचा के विशेष फायदेमंद रहता है| इसी वजह से यहाँ काफी संख्या में लोग आते है| 
इंटरनल फ्लेम फॉल्स, आर्चेड पार्क, न्यूयॉर्क 
इस जगह पर एक छोटा सा झरना बहता है, जिसमे एक जलती हुई लौ दिखाई देती है| देखने वालों को आश्चर्य होता है कि आखिर यह लौ जल कैसे रही है| शोध करने के बाद वैज्ञानिकों को पता चला कि वहां पर चट्टानों के नीचे से मीथेन गैस निकलती है| 
जिसमे संभवतया २० वी शताब्दी की शुरुवात में किसी ने इस मीथेन गैस में आग लगा दी थी| तब से यह लगातार जल रही है| भारत में भी हिमाचल के कांगड़ा में स्थित माता के एक प्रमुख शक्तिपीठ ज्वालामुखी देवी के मंदिर में नौ प्राकृतिक ज्वाला प्राचीनकाल से निरंतर जल रही है| 
ओल्ड फेथफुल, येलोस्टोन नेशनल पार्क
दुनिया के सबसे ज्यादा प्राकृतिक गीजर इस जगह पर पाए जाते है| प्राकृतिक गीजर मतलब एक प्रकार का गर्म पानी का फव्वारा होता है जो जमीन के अंदर से एक फाउंटेन के रूप में निकलता है| इस पार्क में करीब ३०० प्राकृतिक गीजर मौजूद है| जिनमे सबसे ज्यादा प्रसिद्द ओल्ड फेथफुल गीजर है| 
यह दुनिया का सबसे ऊंचा पानी का फव्वारा है| इसमें नियमित रूप से विस्फोट होता रहता है| इन विस्फोटों का कोई निश्चित क्रम नहीं है, जिसकी वजह से आज भी यह वैज्ञानिकों के लिए एक पहेली ही बना हुआ है| 
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