ये है वो अद्भुत लोग जिनके पास है कमाल का सुपरपावर

ये है वो अद्भुत लोग जिनके पास है कमाल का सुपरपावर 

दोस्तों, फिल्मों में और कहानियों में हमने ऐसे कई सुपरहीरोस के बारे में सुना और देखा है जो असलियत में सिर्फ एक कल्पना मात्र होते है| लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसे लोगों के बारे में बताने जा रहे है जो लोग सच में कुदरती तौर पर ऐसी शक्तियों के मालिक है| तो चलिए देर किस बात की, जानते है इनके बारे में?
मजबूत शरीर 
ये वो इंसान है जो अपने सर पर ड्रिल मशीन चलाता है| जी हाँ दोस्तों, कुआला लम्पुर के मंदिर के कुंग फु मास्टर 'युक होन्ग' नामक इस व्यक्ति के माथे पर पूरे एक मिनट तक ड्रिल मशीन चलने के बावजूद सिर्फ उस जगह पर एक लाल निशान के अलावा और कुछ नहीं होता है| इनके पास यह एक अनोखी शक्ति है जिसकी वजह से इन्हें असलियत में सुपरहीरो भी कहा जाता है|
स्ट्रांग तीथ  
मलेशिया में रहने वाले राधा कृषणन वेल्लु के दांत किसी सुपरहीरो से कम नहीं है| यह अपने दांत से पूरी की पूरी ट्रैन खींच सकते है| अगस्त २००७ में इन्होनें ७ डिब्बे वाली एक ट्रैन को स्टील की केबल के सहारे ९ फ़ीट की दूरी से खींचकर अपना नाम गिनिस बुक में दर्ज कराया था| इस ट्रैन का कुल वजन २९७ टन था| इसके बाद भी साल २००८ ने भी इन्होनें यह कारनामा २६० टन की ट्रैन को १३ फ़ीट की दुरी तक खींचा था| 
 मैग्नेटिक मेन
मलेशिया में रहने वाले लीवथोलिन के पास एक ऐसी अद्भुत शक्ति है जिससे वो अपने शरीर से किसी भी लोहे की वस्तु को चिपका सकते है| कई किलो वजनी वस्तुओं को अपने शरीर से चिपकाने के अलावा इन्होंने ३३०० पौंड वजनी कार को अपने शरीर पर चिपके एक छोटे से लोहे की प्लेट के सहारे खींच कर दिखाया था| 
वैज्ञानिकों ने जब इनकी इस अद्भुत शक्ति की जांच की तो पाया की इनके शरीर में एक आम आदमी के शरीर से ज्यादा चुबंकीय शक्ति है| 
द आइस मेन 
पोलैंड में रहने वाले वीम हॉग को द आइस मेन के नाम से भी जाना जाता है| ठन्डे पानी से नहाने से कतराने वाले मनुष्यों से विपरीत इनका शरीर माइनस डिग्री में भी बिना कपड़ों के कई दिनों तक रह सकता है| 
इनके नाम एक दो नहीं बल्कि पूरे २६ वर्ल्ड रिकॉर्ड मौजूद है| जिनमे से २ घंटे तक बर्फ के बॉक्स में रहना और माउंट एवेरेस्ट पर ठण्ड से बचाने वाले कपड़ों के बिना चढ़ने जैसे रिकॉर्ड भी शामिल है| 
स्टैमिना मेन 
डीन कोरनजस नामक यह व्यक्ति अगर चाहे तो पूरी जिंदगी दौड़ लगा सकता है, क्यूंकि यह कभी थकता नहीं है| जी हाँ दोस्तों, किसी जेनेटिक परिवर्तन की वजह से इन्हें यह शक्ति मिली है| साल २००५ में हुई एक मैराथन में ये लगातार तीन दिन और तीन रात तक दौड़ते रहे थे| इस दौरान दौड़ते हुए इन्होनें ५६० किलोमीटर की दुरी तय की थी| अगर जयादा नींद की वजह से ये रुके ना होते तो उस समय ये और दौड़ लगा सकते थे| 
इसके अलावा साल २००६ में ५० दिनों तक लगातार हर दिन अलग अलग देशों में मैराथन हुई थी, जिनमे से पूरी ५० मैराथन में इन्होनें दौड़ लगाई थी| यही नहीं साउथ पोल की माइनस १३ डिग्री में आयोजित एक मैराथन में भी इन्होनें हिस्सा लिया था|  

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