यह है धरती की सबसे गहरी गुफा

यह है धरती की सबसे गहरी गुफा
दोस्तों, आप ये तो मानते होंगे कि ये दुनिया अजीबोगरीब रहस्यों से भरी हुई है| हमारे देश में भी ऐसी कई गुफाएं है जिनका ऐतिहासिक महत्त्व भी रहा है| लेकिन आज हम आपको एक ऐसी गुफा के बारे में बताने जा रहे है जो इस धरती की सबसे गहरी गुफा के रूप में जानी जाती है, जिसे तस्वीरों में देखकर ही आँखें फटी की फटी रह जाती है|
क्रुबेर गुफा (वोरोन्या गुफा)
यूरोप में जॉर्जिया के अबकाज़िया में स्थित दुनिया की सबसे गहरी क्रुबेर गुफा को 'वोरोन्या गुफा' भी कहा जाता है| रशियन शब्द वोरोन्या गुफा का मतलब 'कौवों की गुफा' होता है|
इस गुफा को 'वोरोन्या गुफा' यानी कौंवों की गुफा इसीलिए कहा जाता है, क्यूंकि जब पहली बार इस गुफा में प्रवेश किया गया था तो वहां कौंवों के बहुत से घोसले बने हुए थे| अबकाज़िया के ब्लैक सागर तट पर स्थित इस गुफा की गहराई की वजह से कहा जाता है कि यह पाताल लोक जाने का रास्ता है| क्रुबेर गुफा की गहराई २१९७ मीटर यानी ७२०८ फ़ीट है|
इस गुफा की खोज साल १९६० में की गयी थी और इसका नाम एक रशियन भूवैज्ञानिक अलेक्सेंडर क्रुबेर के नाम से प्रेरित है| साल १९८० में पहली बार इस गुफा में प्रवेश किया गया था| इस गुफा में साल २००१ में एक यूक्रेनी स्पेलिओलॉजिस्ट का एक दल इसमें १७१० मीटर यानी ५६१० फ़ीट की गहराई तक गया था जिसके बाद इस गुफा को सबसे गहरी गुफा होने का दर्जा प्राप्त हुआ था, जोकि उस समय की सबसे गहरी गुफा से केवल ८० मीटर ज्यादा था| 
साल २००४ में दोबारा यूक्रेनी स्पेलिओलॉजिस्ट का एक दल इसमें उतरा और अब की बार २०८० मीटर यानी ६८२० फ़ीट की गहराई तक गए जो कि एक नया विश्व रिकॉर्ड भी बना था| साल २०१२ में विभिन्न देशों के ५९ स्पेलिओलॉजिस्ट का एक दल इस गुफा में उतरा और तब २१९७ मीटर यानी ७२०८ फ़ीट की गहराई नापी गयी| 
साल २०१२ में इस गुफा में उतरे दल ने गुफा के अंदर २७ दिन बिताये| 
क्रुबेर गुफा अन्वेषण बहुत ही मुश्किल है, क्यूंकि एक तो यहाँ पर साल के केवल ४ महीने ही जाया जा सकता है और दूसरा राजनीतिक हालत ख़राब होने की वजह से परमिशन आसानी से नहीं मिलती है| 
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