खतरों से घिरा है ये गाँव

खतरों से घिरा है ये गाँव 
दोस्तों, दुनिया में कई ऐसे लोग है जो पहाड़ों या फिर ऊंची चट्टानों पर घर बनाना पसंद करते है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी है जो अपनी जान जोखिम में डालकर ऐसी जगह रहते है जहाँ वे सुरक्षित नहीं है| तो चलिए आज हम आपको एक ऐसे गाँव के बारे में बताने जा रहे है जहाँ रहने वाले लोग खतरों के साथ रहते है| 
कैस्टेलफोटिल डे ला रोका गाँव
स्पेन में स्थित कैस्टेलफोटिल डे ला रोका नामक यह गाँव बेसाल्ट की चट्टान पर बसा है|
लाखों साल पहले यहाँ दो ज्वालामुखी के विस्फोट हुए थे| पहला विस्फोट बटेट नामक गाँव में २ लाख १७ हजार साल पहले और दूसरा विस्फोट बेगुड़ा नामक गाँव में १ लाख ९२ हजार साल पहले हुआ था| 
समय के चलते धीरे-धीरे ये ज्वालामुखी जमने लगा और बेसाल्ट चट्टानों में बदल गया| इन चट्टानों को ठंडा होने में काफी लम्बा समय लगा, जिसके बाद यहाँ यह बस्ती बसी| इतना ही नहीं यहाँ के घरों को भी ज्वालामुखी से बनी चट्टानों से ही बनाया गया है| 
यहाँ स्थित चट्टान के कोने पर सेंट साल्वोडोर नामक चर्च १३ वीं शताब्दी में स्थापित किया गया था| जिसे आज भी देखा जा सकता है| 
लगभग १ किमी के क्षेत्र में और जमीन से करीब ५० मीटर की ऊंचाई पर बसा कैस्टेलफोटिल डे ला रोका गाँव जिस चट्टान पर बसा है वो एकदम संकीर्ण है और उस पर बने घर चट्टान के किनारे बने है| 
फ्लूविया और टोलोनेल नदी की सीमा में आने वाला यह गाँव स्पेन का सबसे छोटा गाँव है| किनारों पर बसे होने के कारण यहाँ के घर और लोग हर पल खतरों में रहते है| 
दोस्तों, अगर आपको हमारी यह पोस्ट पसंद आयी हो तो कृपया इसे शेयर और लाइक जरूर करें और कमेंट बॉक्स में लिखकर इसे लोगों को भी बताएं|  

टिप्पणियाँ