५०० साल पुरानी ये बड़ी-बड़ी इमारतें बनी है मिट्टि की

५०० साल पुरानी ये बड़ी-बड़ी इमारतें बनी है मिट्टि की 

दोस्तों, आपने दुनिया में कई बड़ी-बड़ी इमारतें देखी होंगी, मगर आज हम जिन इमारतों के बारे में आपको बताने जा रहे है वो इमारतें देखने के लिए पूरी दुनिया इस जगह पर आती है। 

शिबम, यमन

हद्रमवत किंगडम की राजधानी कहे जाने वाले यमन में शिबम नामक शहर में ये गगनचुम्बी इमारतें स्थित है। इस शहर को 'यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज' की लिस्ट में शामिल किया गया है। इस शहर में बनी इमारतों को मिट्टि से बनी ईटों से बनाया गया है। यहाँ मौजूद इमारतें ५ से ११ मंजिलों की है।
रेगिस्तानी इलाका होने के बावजूद भी इस जगह पर करीब ७००० लोग निवास करते है। इन इमारतों में सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए मिट्टि की ईटों का इस्तेमाल किया गया है और करीब १६ वी शताब्दी में इस शहर का निर्माण किया गया था। 
बता दें कि साल १५३० में यहाँ पर भयानक बाढ़ आयी थी जिसमे यह शहर तबाह हो गया था, जिसके बाद यहाँ मिट्टि की इमारतों का निर्माण किया गया। 
शिबम में स्थित इन इमारतों को दुनिया का सबसे पुरानी गगनचुम्बी इमारत होने का दर्जा प्राप्त है। इसे रेगिस्तान का मैनहट्टन भी कहा जाता है। 
शहर में स्थित इन इमारतों में कुछ इमारतें ३० मीटर यानी १०० फ़ीट तक ऊंची है। इन इमारतों को बारिश और कटाव से बचाये रखने के लिए नियमित रूप से मिट्टी की ताजा परतों को लगाना जरुरी है। 
इसके पास ही तरिम शहर में अल-मिहार मस्जिद नामक इमारत हाधरामौत घाटी में सबसे ऊंची संरचना है। यह लगभग ५३ मीटर यानी १७५ फ़ीट की ऊँचाई पर खड़ा है, जो दक्षिणी अरब प्रायद्वीप में सबसे लंबी मीनार है।
यह शहर साल २००८ में बाढ़ की वजह से काफी प्रभावित हुआ था। इसके अलावा साल २००९ में अल-कायदा के हमलों का भी लक्ष्य बना था।
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