यह है अक्षरधाम मंदिर जिसका नाम दर्ज है गिनिस बुक में

यह है अक्षरधाम मंदिर जिसका नाम दर्ज है गिनिस बुक में 

दोस्तों, वैसे तो अक्षरधाम मंदिर गुजरात के गांधीनगर इलाके में भी मौजूद है| मगर आज हम आपको भारत की राजधानी दिल्ली में स्थित अक्षरधाम मंदिर के बारे में बताने जा रहे है, जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है| 
अक्षरधाम मंदिर 
स्वामीनारायण मंदिर के नाम से जाने जाना वाला यह मंदिर विश्व के विशालकाय मंदिरों में से एक है| साहित्यिक संस्कृति के रूप में भारत के नयी दिल्ली में स्थापित यह मंदिर एक हिन्दू मंदिर है| इस मंदिर में लाखों हिन्दू साहित्यों और संस्कृतियों तथा कलाकृतियों को दर्शाया गया है| 
इस मंदिर को डॉक्टर ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने ६ नवंबर २००५ को शासकीय रूप से खोला था, जिसे वास्तु शास्त्र और पंचरात्र शास्त्र के अनुसार बनाया गया है| एक कॉम्प्लेक्स के बीच में बना यह मंदिर १४१ फ़ीट ऊंचा, ३१६ फुट फैला और ३५६ फुट लंबा है| मंदिर को मुख्य रूप से राजस्थानी गुलाबी पत्थरों से और इटालियन मार्बल से बनाया गया है, इसमें दुसरे ऐतिहासिक मंदिरों की तरह मेटल का उपयोग नहीं किया गया है| इसे बनाते समय स्टील और कॉन्क्रीट का उपयोग भी नहीं किया गया है|
आपको बता दें कि इस मंदिर में २३४ आभूषित किये गए पिलर, ९ गुम्बद और २० हजार साधुओं, अनुयायियों और आचार्यों की मुर्तिया है| मंदिर के नीचे के हिस्से में गजेंद्र पीठ भी मौजूद है और हाथी को श्रद्धांजलि देने वाला एक स्थम्ब भी है| इसमें १४८ हाथी बनाये गए है जिनका वजन करीब ३ हजार टन तक है| 
इसके अलावा मंदिर के बीच स्थित गुम्बद के नीचे ११ फुट ऊंची स्वामीनारायण भगवान की अभयमुद्रा में बैठी हुई मूर्ती है| यहाँ स्थित हर एक मूर्ती हिन्दू परंपरा के अनुसार पंचघातु से बनी हुई है| इस मंदिर में सीता-राम, शिव-पार्वती, राधा-कृष्णा, और लक्ष्मी-नारायण की मूर्तियां भी स्थापित की गयी है| 
अक्षरधाम मंदिर की मुख्य इमारत एक सरोवर से घिरी हुई है, जिसे नारायण सरोवर कहते है| इस सरोवर में देश की करीब १५१ विशाल सरोवर और नदियों का पानी भरा हुआ है| सरोवर के पास ही में १०८ गौमुख भी बने हुए है और कहा जाता है कि ये १०८ गौमुख १०८ हिन्दू भगवान का प्रतिनिधित्व करते है| 
इस मंदिर में एक फिल्म स्क्रीन भी लगी हुई है जिसमे भगवान स्वामीनारायण के जीवन पर आधारित फिल्म दिखाई जाती है| इसके साथ ही विश्व का सबसे बड़ा कुंड भी इसी मंदिर में स्थित है जिसे यग्नपुरुष कुंड कहा जाता है| इस कुंड में १०८ छोटे तीर्थस्थान और २८७० सीढ़ियां बनी हुई है| 
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'गिनिस बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड' में सबसे विशाल हिन्दू मंदिर के रूप में इस मंदिर का नाम दर्ज किया गया है| इस मंदिर को बनाने में केवल ५ वर्ष का समय लगा था जो कि बेहत आश्चर्यचकित करने वाली बात है| करीब ११ हजार कलाकारों और अनगिनत सहयोगियों द्वारा मिलकर बनाये गए इस विशाल मंदिर की स्थापना नवंबर २००५ में की गयी थी| 
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