अजीब थी इस जेल में कैदियों को दी जाने वाली सजा

अजीब थी इस जेल में कैदियों को दी जाने वाली सजा  

दोस्तों, वैसे तो आपने ऐसी कई जेलों के बारे में सुना होगा जिसमें कैदियों को उनके किये की सजा बेहद अजीब ढंग से दी जाती है| मगर आज हम आपको जिस जेल के बारे में बताने जा रहे है उसके बारे में शायद ही आपने कभी सुना या देखा होगा| तो आईये जानते है उस अनोखी जेल के बारे में| 
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चिकन डूंग सेल 

'थाईलैंड' में स्थित इस जेल को साल १८९३ में बनाया गया था| फ्रेंको-सियामिस युद्ध के समय फ्रेंच लोगों द्वारा बनायीं गयी इस जेल को फ्रेंच फोर्ट के नाम से जाना जाता था| इस जेल को बनाने का उद्देश्य यहां के थाई रहिवासियों का फ्रेंच लोगों के खिलाफ विद्रोह था| जो कोई व्यक्ति फ्रेंच लोगों का विद्रोह करता उन्हें इस जेल में डाल दिया जाता था| 
अजीब थी इस जेल में कैदियों को दी जाने वाली सजा
करीब ४.४ मीटर चौड़ाई और करीब २३ फुट ऊंची इस इमारत में अंदर जाने के लिए एक ही दरवाजा बनाया गया था और खिड़कियों के नाम पर इसके अंदर केवल सूरज की रोशनी अंदर आ सकती थी| इन खिड़कियों की बनावट कुछ इस तरह से है कि इसके अंदर कैदी सांस तो ले सकते थे मगर इन्हें ताजा हवा नहीं मिलती थी| 
अजीब थी इस जेल में कैदियों को दी जाने वाली सजा
फ्रांसीसियों ने इस जेल की छत पर लकड़ी की पट्टियां लगा रखी थी जिस पर मुर्गे-मुर्गियों के लिए खाना भी रखा जाता था| इस छत पर ढेर सारे मुर्गे-मुर्गियां खाना खाती और बिना किसी सुचना या चेतावनी के मल कर देते थे, जो सीधे नीचे मौजूद कैदियों के सिर या शरीर पर गिरता था| इसी वजह से इस जेल को 'चिकन डूंग सेल' के जाना जाने लगा था| 
अजीब थी इस जेल में कैदियों को दी जाने वाली सजा
थाई संस्कृति का ऐसा मानना है कि आपका सिर शरीर का सबसे पवित्र हिस्सा होता है| इस धारणा के चलते यह यातना शारीरिक तो नहीं मगर मनोवैज्ञानिक रूप से बहुत बड़ा अपमान था| बाद इस जेल को साल १९०४ में बंद कर दिया गया| 
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