१६ साल की उम्र होने की वजह से रोका गया था इस अभिनेत्री को अपनी ही फिल्म देखने से

१६ साल की उम्र होने की वजह से रोका गया था इस अभिनेत्री को अपनी ही फिल्म देखने से  

दोस्तों, वैसे तो बॉलीवुड में ऐसी कई अभिनेत्रियां है जिन्होंने अपने अभिनय से दुनिया में कई लोगों का दिल जीता है। मगर आज हम आपको जिस अभिनेत्री के बारे में बताने जा रहे उनके जैसी अभिनेत्री सदियों में एक होती है। संजीदा किरदारों के लिए मशहूर इस नैसर्गिक अदाकारा ने अपनी गहरी छाप सिनेमा की दुनिया में छोड़ी है। आइये उनके जीवन से जुडी कुछ ख़ास बातें जानते है।

नूतन

हिंदी सिनेमा की सबसे प्रसिद्ध अदाकाराओं में से एक रही नूतन का जन्म २४ जून १९३६ को हुआ था। अपने दौर की मशहूर अभिनेत्री शोभना सामर्थ और निर्देशक कुमारसेन सामर्थ के चार बच्चों में सबसे बड़ी बेटी नूतन ही थी, जिन्होंने बैटमिंटन, हॉर्स राइडिंग, स्विमिंग जैसी एक्टिविटीज के साथ-साथ संगीत की भी बाकायदा शिक्षा ली थी। महज ५ साल की उम्र में ही नूतन ने बम्बई के ताजमहल होटल में एक परफॉरमेंस दिया था।
केवल ९ साल की उम्र में ही नूतन ने अपने ही पिता की फिल्म 'नल दमयंती' में बतौर बाल कलाकार अभिनय किया था। १९५० में नूतन ने महज १४ साल की उम्र में हिंदी फिल्म जगत में प्रवेश किया था, इस फिल्म का निर्देशन स्वयं नूतन की मां शोभना सामर्थ ने किया था, जिसका नाम 'हमारी बेटी' था। 
नूतन अपने जन्म के समय इतनी दुबली-पतली थी कि उनकी मां उन्हें 'अगली बेबी' और 'अगली डक' जैसे नामों से पुकारा करती थी। मगर किसे पता था कि बचपन से कुरूप कही जाने वाली नूतन साल १९५२ में 'मिस इंडिया' का खिताब अपने नाम कर सबको चौका देंगी। आपको बता दें कि ये पहली दफा था जब किसी अभिनेत्री ने अपने फ़िल्मी सफर के शुरू होने के दो साल बाद मिस इंडिया का खिताब जीता था।
जिस समय नूतन मिस इंडिया बनी थी उसी समय निर्माता 'पंचोली प्रोडक्शन' की फिल्म 'नगीना' रिलीज़ होने वाली थी और ये भी पहली दफा ही था कि पंचोली प्रोडक्शन की तरफ से इस फिल्म का प्रचार बड़े-बड़े पोस्टर के जरिये इस तरह किया जा रहा था कि उनकी फिल्म की अभिनेत्री को मिस इंडिया चुना गया है।
आपको बता दें कि सबसे मजे की बात यह थी कि फिल्म 'नगीना' देखने के लिए नूतन को सिनेमाघर में प्रवेश करने नहीं मिला था। जिसकी वजह उनकी उम्र थी जो उस समय केवल १६ वर्ष की थी और यह फिल्म वयस्कों के लिए थी जिसे 'ए' सर्टिफिकेट प्राप्त था। 
नूतन की संगीत की शिक्षा और उनके गाने का शौक फिल्मों में काफी काम आया। इसी शिक्षा की वजह से उन्होंने अपनी पहली ही फिल्म 'हमारी बेटी' में 'तुझे कैसा दूल्हा भाये री बांकी दुल्हनिया' जैसा लोकप्रिय गीत गाया था। केवल इतना ही नहीं साल १९६० में फिल्म 'छबीली' में अपनी छोटी बहन तनूजा के साथ अभिनय करने के अलावा नूतन ने इस फिल्म में ६ गीत भी गाये थे।
नूतन के जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब अपना सबकुछ दांव पर लगाकर नूतन को अभिनेत्री बनाने वाली उनकी माँ शोभना सामर्थ को उन्हें अदालत में आमने-सामने होना पड़ा। नूतन ने अपनी माँ पर अपनी कमाई के पैसों में हेर-फेर का आरोप लगाकर कोर्ट में केस कर दिया। बाद में वक्त के साथ इन दोनों की बीच सब कुछ एक बार पहले जैसा हो गया।
नूतन ने अशोक कुमार के साथ 'बंदिनी' में काम किया तो राज कपूर के साथ 'कन्हैया', 'छलिया' और 'अनाड़ी' जैसी फिल्मों की। देव आनंद के साथ 'पेइंग गेस्ट', 'बारिश', 'मंजिल' और 'तेरे घर के सामने' जैसी फ़िल्में की। दिलीप कुमार के साथ उनकी जोड़ी २ बार बनते-बनते रह गयी लेकिन साल १९८६ में फिल्म 'कर्मा' में इन दोनों की जोड़ी को साथ में देखा गया।
बता दें कि हिंदुस्तान सिनेमा की सबसे महान प्रतिभा और अद्वितीय अभिनेत्री नूतन जी ने सर्वश्रेष्ठ अभिनय के लिए ६ बार 'फिल्मफेयर' अवार्ड जीता और अपने अभिनय से लोगों का दिल जीता था। बॉलीवुड में अब तक नूतन जी के इस रिकॉर्ड की समानता में उनकी ही भतीजी और बहन तनूजा की बेटी काजोल ही पहुंच पायी है।
साल १९५९ में नेवी कमांडर रजनीश बहल से शादी और बेटे मोहनीश बहल की आने के बाद भी नूतन का फ़िल्मी सफर बुलंदियों पर था तब अचानक साल १९८९ में नूतन को कैंसर जैसी घातक बीमारी ने जकड लिया। तमाम कोशिशों के बावजूद आखिरकार इस बेहतरीन अदाकारा ने २१ फरवरी १९९१ के दिन महज ५५ साल की उम्र में ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया। भले ही नूतन जी इस दुनिया में नहीं है मगर उनका बेमिसाल अभिनय आज भी लोगों के लिए अभिनय की बुलंदी की एक मिसाल की तरह हमेशा रहेगा।
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