April 17, 2021

गूगल में काम करने का लोग देखते है सपना, मरने के बाद भी मिलती है सैलरी

जब हम किसी भी कंपनी में काम करते है तो अक्सर अपनी मेहनत और ईमानदारी के बदले कंपनी से कुछ उम्मीदें भी रखते है| कुछ कंपनिया हमारे बारे में सोचती भी है, मगर अक्सर कंपनी से निकल जाने के बाद हमारे परिवार की तो दूर हमारी भी परवाह नहीं की जाती है| मगर सबसे पॉपुलर कंपनी ‘गूगल’ जो अपने कर्मचारियों की देखरेख में कोई कसर नहीं छोड़ता है|ajab-jankari-google-companyगूगल में नौकरी पाना शायद दुनिया का सबसे मुश्किल काम हो सकता है, मगर जिन्हें यहाँ नौकरी मिल जाती है उन लोगों को गूगल की तरफ से क्या-क्या बेनिफिट्स मिलते है इसके बारे में जानकार शायद आपको हैरानी होगी और आप भी चाहेंगे कि गूगल में हमें भी नौकरी मिल जाए|ajab-jankari-google-company

गूगल की शुरुवात ४ सितम्बर १९९८ में कैलिफ़ोर्निया में हुई थी| जिसके फाउंडर लैरी पेज और सर्जी ब्रिन नामक व्यक्ति है| इस कंपनी का हेड ऑफिस अमेरिका में है| मुख्यरूप से यह कंपनी ऑनलाइन एडवरटाइजिंग, टेक्नोलॉजी, सर्च, सॉफ्टवेयर, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट रिलेटेड सर्विस और हार्डवेयर के काम करती है| चलिए जानते है यह कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए क्या-क्या करती है?

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अगर काम के दौरान किसी कर्मचारी को थकान महसूस हो तो वह कुछ देर के लिए सो सकता है| जिसके लिए गूगल ने एक स्पेशल हेलमेट के आकर का स्लीप पोर्ट्स तैयार किया है| हेड ऑफिस में कर्मचारियों के लिए बनने वाले भोजन का ख़ास ख्याल रखा जाता है, माउंटेन वेली कैंपस में ३० स्पेशल रसोइए, कर्मचारियों के लिए खाना बनाने के लिए रखे गए है|

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सबसे खास बात ये है कि गूगल अपने कर्मचारियों के मरने के बाद भी उनका बेहद ख्याल रखता है| गूगल के किसी भी कर्मचारी के मरने के बाद उसके परिवार को अगले १० साल तक उस कर्मचारी की आधी पगार दी जाती है| इतना ही नहीं उनके बच्चों को जब तक वो १९ साल के ना हो जाए तब तक हर महीने १००० डॉलर की रकम दी जाती है|

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हमारे भारत में किसी भी बड़ी कंपनी में केवल महिला कर्मचारी को ही बच्चा होने पर छुट्टिया मिलती है, वहीँ गूगलमें काम करने वाले कर्मचारी के घर अगर बच्चे का जन्म होता है तो माता को १८ हफ़्तों की छुट्टियां दी जाती है और पिता को ६ हफ़्तों की छुट्टी दी जाती है|ajab-jankari-google-company

गूगल के कर्मचारी ऑफिस में अपने पालतू कुत्ते को भी लेकर आ सकते है|ajab-jankari-google-companyअगर काम करते समय किसी कर्मचारी को ऐसा महसूस होता है कि वह अलग से बने किसी केबिन में अच्छी तरह से काम कर सकता है तो इसके लिए भी गूगल ने अलग-अलग थीम पर आधारित केबिन बनाये हुए है, जहाँ जाकर कर्मचारी काम कर सकते है|

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कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से गेम रूम भी बनाये गए है, जहाँ पर मिनी गोल्ड से लेकर टेबल टेनिस तक खेलने की सुविधाएँ दी गयी है| अगर कोई कर्मचारी काम से ऊब जाए तो अपना मनपसंद गेम खेल सकता है|
गूगल में काम करने वाले कर्मचारी काम की वजह से तनाव की स्थिति में सब्सिडी वाले मालिश कार्यक्रम का लाभ भी उठा सकते है, जिसके लिए एक लायसेंस प्राप्त चिकित्सक भी उपलब्ध रहता है|ajab-jankari-google-companyअपने आपको फिट रखने के लिए गूगल ने अपने कर्मचारियों के लिए जिम भी बना रखे है, जिसका उपयोग जब भी ऑफिस खुला रहे तब कर सकते है|ajab-jankari-google-companyदोस्तों, अगर आपको हमारी ये पोस्ट ‘गूगल में काम करने का लोग देखते है सपना, मरने के बाद भी मिलती है सैलरी’ अच्छी लगी हो तो कृपया इस शेयर और लाइक जरूर कीजियेगा और कमेंट बॉक्स में लिखकर इसके बारे में लोगों को भी बताइयेगा|

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