Google में काम करने का लोग देखते है सपना, मरने के बाद भी मिलती है सैलरी

Google में काम करने का लोग देखते है सपना, मरने के बाद भी मिलती है सैलरी

जब हम किसी भी कंपनी में काम करते है तो अक्सर अपनी मेहनत और ईमानदारी के बदले कंपनी से कुछ उम्मीदें भी रखते है| कुछ कंपनिया हमारे बारे में सोचती भी है, मगर अक्सर कंपनी से निकल जाने के बाद हमारे परिवार की तो दूर हमारी भी परवाह नहीं की जाती है| मगर सबसे पॉपुलर कंपनी Google जो अपने कर्मचारियों की देखरेख में कोई कसर नहीं छोड़ता है|

Google

Google में नौकरी पाना शायद दुनिया का सबसे मुश्किल काम हो सकता है, मगर जिन्हें यहाँ नौकरी मिल जाती है उन लोगों को गूगल की तरफ से क्या-क्या बेनिफिट्स मिलते है इसके बारे में जानकार शायद आपको हैरानी होगी और आप भी चाहेंगे कि गूगल में हमें भी नौकरी मिल जाए|

Google में काम करने का लोग देखते है सपना, मरने के बाद भी मिलती है सैलरी

गूगल की शुरुवात 4 सितम्बर 1998 में कैलिफ़ोर्निया में हुई थी| जिसके फाउंडर लैरी पेज और सर्जी ब्रिन नामक व्यक्ति है| इस कंपनी का हेड ऑफिस अमेरिका में है| मुख्यरूप से यह कंपनी ऑनलाइन एडवरटाइजिंग, टेक्नोलॉजी, सर्च, सॉफ्टवेयर, क्लाउड कंप्यूटिंग, इंटरनेट रिलेटेड सर्विस और हार्डवेयर के काम करती है| चलिए जानते है यह कंपनी अपने कर्मचारियों के लिए क्या-क्या करती है?

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Google में काम करने का लोग देखते है सपना, मरने के बाद भी मिलती है सैलरी

अगर काम के दौरान किसी कर्मचारी को थकान महसूस हो तो वह कुछ देर के लिए सो सकता है| जिसके लिए Google ने एक स्पेशल हेलमेट के आकर का स्लीप पोर्ट्स तैयार किया है| हेड ऑफिस में कर्मचारियों के लिए बनने वाले भोजन का ख़ास ख्याल रखा जाता है, माउंटेन वेली कैंपस में 30 स्पेशल रसोइए, कर्मचारियों के लिए खाना बनाने के लिए रखे गए है|

Google में काम करने का लोग देखते है सपना, मरने के बाद भी मिलती है सैलरी

सबसे खास बात ये है कि Google अपने कर्मचारियों के मरने के बाद भी उनका बेहद ख्याल रखता है| Google के किसी भी कर्मचारी के मरने के बाद उसके परिवार को अगले 10 साल तक उस कर्मचारी की आधी पगार दी जाती है| इतना ही नहीं उनके बच्चों को जब तक वो 19 साल के ना हो जाए तब तक हर महीने 1000 डॉलर की रकम दी जाती है|

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हमारे भारत में किसी भी बड़ी कंपनी में केवल महिला कर्मचारी को ही बच्चा होने पर छुट्टिया मिलती है, वहीँ गूगल में काम करने वाले कर्मचारी के घर अगर बच्चे का जन्म होता है तो माता को 18 हफ़्तों की छुट्टियां दी जाती है और पिता को 6 हफ़्तों की छुट्टी दी जाती है|गूगल के कर्मचारी ऑफिस में अपने पालतू कुत्ते को भी लेकर आ सकते है|

Google में काम करने का लोग देखते है सपना, मरने के बाद भी मिलती है सैलरी

अगर काम करते समय किसी कर्मचारी को ऐसा महसूस होता है कि वह अलग से बने किसी केबिन में अच्छी तरह से काम कर सकता है तो इसके लिए भी गूगल ने अलग-अलग थीम पर आधारित केबिन बनाये हुए है, जहाँ जाकर कर्मचारी काम कर सकते है|

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कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से गेम रूम भी बनाये गए है, जहाँ पर मिनी गोल्ड से लेकर टेबल टेनिस तक खेलने की सुविधाएँ दी गयी है| अगर कोई कर्मचारी काम से ऊब जाए तो अपना मनपसंद गेम खेल सकता है|

गूगल में काम करने वाले कर्मचारी काम की वजह से तनाव की स्थिति में सब्सिडी वाले मालिश कार्यक्रम का लाभ भी उठा सकते है, जिसके लिए एक लायसेंस प्राप्त चिकित्सक भी उपलब्ध रहता है|

Google में काम करने का लोग देखते है सपना, मरने के बाद भी मिलती है सैलरी

अपने आपको फिट रखने के लिए गूगल ने अपने कर्मचारियों के लिए जिम भी बना रखे है, जिसका उपयोग जब भी ऑफिस खुला रहे तब कर सकते है|

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