अगर की होती सलमान खान ने ये फिल्म तो शाहरुख़ खान नहीं बन पाते सुपरस्टार

अगर की होती सलमान खान ने ये फिल्म तो शाहरुख़ खान नहीं बन पाते सुपरस्टार

बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान और शाहरुख़ खान की अगर बात करें तो ये दोनों आज बॉलीवुड में अपने दम पर है। लेकिन अगर बात करे करियर के शुरुवाती दिनों की तो ऐसा माना जाता है कि अगर कोई कलाकार अगर अपने करियर के शुरुवाती दिनों में अच्छी तरह से प्लान करें तो बॉलीवुड में वो लंबे चल सकते है।

शाहरुख़ खान

कुछ ऐसा ही मौका शाहरुख़ खान को मिला, जिसकी वजह से उनका करियर शुरुवाती दौर में चल पड़ा और मौका उन्हें मिला सलमान खान की वजह से, यानी कि फिल्म ‘बाज़ीगर’ में। चलिए जानते है क्या है ये किस्सा?

ये बात तब की है जब निर्देशक अब्बास-मस्तान बॉलीवुड में नए-नए थे। उस समय उन्होंने केवल दो ही फिल्म बनाई थी और उनकी पिछली फिल्म ‘खिलाड़ी’ ने बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर दिया था। इसके बाद उन्होंने एक फिल्म बनाने की सोची, जो हॉलीवुड फिल्म ‘ए किस बिफोर डाईंग’ पर के एक सीन पर आधारित थी।

शाहरुख़ खान

 

जी हां, इस हॉलीवुड फिल्म के एक ही सीन को देखकर अब्बास-मस्तान ने फिल्म ‘बाज़ीगर’ की पूरी कहानी उसके इर्द-गिर्द ही बना ली। ये वो सीन था जब शाहरुख़ खान, शिल्पा शेट्टी को बिल्डिंग की छत से धक्का दे देते है। इसी सीन को सोचकर ही अब्बास-मस्तान ने पूरी फिल्म बनाई।

शाहरुख़ खान

अपनी इस फिल्म के लिए अब्बास-मस्तान कई कलाकारों के पास गए थे। जिसमें से एक आमिर खान भी थे, मगर उन्होंने भी इस फिल्म में काम करने से मना कर दिया, क्योंकिं फिल्म का किरदार नेगेटिव था। कोई भी स्टार इस फिल्म में काम नहीं करना चाहता था।

शाहरुख़ खान

इसी दौरान इन्होंने इस फिल्म का ऑफर सलमान खान को दिया और फिल्म की कहानी सुनाने के लिए सलमान के घर गए। घर पर सलमान खान के साथ उनके पिता सलीम खान भी मौजूद थे और उनकी मौजूदगी में ही अब्बास-मस्तान ने सलमान खान को फिल्म ‘बाज़ीगर’ की कहानी सुनाई। फिल्म की कहानी सलीम साहब को बहुत अच्छी लगी।

शाहरुख़ खान

क्योंकि सलीम खान फिल्म इंडस्ट्री के तजुर्बेकार लेखक है और उन्हें फिल्मों की समझ है, तो उन्होंने अब्बास-मस्तान को अपनी फिल्म की कहानी में एक छोटा सा बदलाव करने को कहा। सलीम साहब ने उन्हें बताया कि जो कहानी वो अभी सुना रहे है। उसे सुनकर ऐसा लग रहा है कि हीरो का किरदार बहुत ज्यादा नेगेटिव है। इसके लिए फिल्म में हीरो की मां के किरदार को थोड़ा बड़ा कर दें ताकि ऐसा लगे कि अपनी मां का दुःख देखने के बाद उस हीरो ने ये बदला लिया है। इससे सारी नेगेटिविटी हीरो पर नहीं आएगी।

शाहरुख़ खान

 

अब्बास-मस्तान ने उस समय सलीम साहब का ये सुझाव लेने से मना कर दिया। इसी कारण सलमान खान फिल्म ‘बाज़ीगर’ का हिस्सा नहीं बन पाए। इसी दौरान शाहरुख़ खान को ये रोल ऑफर हुआ। शाहरुख़ खान को भी ये रोल अच्छा लगा, जिसे कई सितारों ने करने से मना कर दिया था। मगर शाहरुख़ ने इस फिल्म को करने के लिए तुरंत हामी भर दी।

शाहरुख़ खान

जब ये फिल्म रिलीज़ हुई तो सलीम साहब ने इस फिल्म को देखा। सलीम साहब को इस फिल्म की कहानी मालूम थी और वो देखना चाहते थे कि ये फिल्म बनी कैसी है? फिल्म देखने पर सलीम साहब चकित रह गए। उन्होंने देखा कि फिल्म में जिस मां के किरदार को उन्होंने अब्बास-मस्तान को बढ़ाने के लिए कहा था वो बढ़ाया गया था। लेकिन इस रोल को बढ़ाने वाली अब्बास-मस्तान ने सलीम खान को नहीं बताई ही नहीं, अगर वो बताते तो सलमान खान ये फिल्म कर रहे थे। मगर ऐसा हो नहीं पाया और शाहरुख़ खान को लेकर ये फिल्म बनाई गयी।

शाहरुख़ खान

सलीम साहब को अब्बास-मस्तान की ये बात बुरी लगी कि अगर वो फिल्म में मां के रोल को बढ़ाने वाली बात उन्हें बता देते तो सलमान खान फिल्म ‘बाज़ीगर’ का हिस्सा होते। मगर उन्होंने बताये बिना शाहरुख़ खान के साथ ये फिल्म बना ली। हालांकि ये फिल्म सुपरहिट हुई और इस फिल्म ने शाहरुख़ खान को बॉलीवुड में अपने कदम जमाने में काफी मदद की।

शाहरुख़ खान

साल 2007 में एक इंटरव्यू के दौरान सलमान खान ने इस फिल्म को छोड़ने का कारण बताते हुए कहा था कि ‘अगर मैं ये फिल्म कर लेता तो आज बैंडस्टैंड में शाहरुख़ खान का ‘मन्नत’ (बंगला) नहीं खड़ा होता।’

दोस्तों, आपके मुताबिक अगर फिल्म ‘बाज़ीगर’ में शाहरुख़ खान की जगह सलमान खान होते तो क्या ये फिल्म सुपरहिट होती? कृपया अपनी राय कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताइयेगा और जानकारी अच्छी लगी हो तो कृपया इसे लाइक और शेयर जरूर कीजिएगा।

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